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किसानों को भारी छूट, 60 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट होगा पास

मोदी सरकार की इस स्कीम का फायदा, देना पड़ेगा सिर्फ 20%, जानिए इसके बारे में सबकुछ!

मोदी सरकार ने किसानों को भारी छूट पर दी 10.75 लाख मशीनें, आप भी ले सकते हैं फायदा, 60 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट होगा पास

किसान अग अगर अपनी खेती को आधुनिक तरीके से करके मोटा पैसा कमाना चाहता है तो उसे मशीनों का सहारा लेना होगा. लेकिन मशीनें हैं महंगी. जिसे हर किसान खरीद नहीं सकता. तो इसी समस्या में छिपा हुआ है एक बिजनेस मॉडल. जिसके लिए मोदी सरकार ने सीएचसी फार्म मशीनरी स्कीम (Custom hiring centre farm machinery scheme) बनाई है. इसके तहत आप 60 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट पास करवा सकते हैं. यानी अपने क्षेत्र के किसानों की जरुरतों को समझते हुए इतनी रकम की मशीनें खरीद सकते हैं. आपके इस प्रोजेक्ट में 24 लाख रुपये सरकार लगाएगी.
वहीं कॉपरेटिव ग्रुप बनाकर भी आप मशीन बैंक तैयार कर सकते हैं. लेकिन ग्रुप में 6 से 8 किसान होने चाहिए. ग्रुप में अधिकतम 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट पास होगा. यानी आपको 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. मतलब यह है कि आपको सिर्फ 20 परसेंट ही लगाना होगा.

किसान ऐसे मंगा सकते हैं मशीन



- आप CHC Farm Machinery ऐप पर ऑर्डर देकर अपनी खेती के लिए जरूरी मशीनरी (औजार) बहुत सस्ते रेट पर घर मंगवा सकते हैं.

मोदी सरकार इस कोशिश में जुट गई है कि खेती को फायदेमंद और किसानों के लिए आसान बनाया जाए. इसके लिए वो खेती में नई-नई मशीनों का इस्तेमाल करने की सलाह और उसके लिए ट्रेनिंग दे रही है. मशीनों के जरिए खेती को न सिर्फ आसान बनाया जाए बल्कि लागत कम करते हुए प्रोडक्शन भी बढ़ाया जाए.

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का कहना है कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रयोग से किसान सशक्त बनेंगे. उन्होंने बताया कि इसके लिए कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (sub mission on agricultural mechanization) है. जिसके तहत किसानों को भारी सब्सिडी पर 10,75,194 मशीनें दी गई हैं. यह आंकड़ा 2014 - 19 तक का है. खेती को आसान बनाने वाली इन मशीनों को चलाने के लिए 49,033 लोगों को ट्रेनिंग दी गई.

 

चौधरी ने बताया कि कृषि कार्यों में मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए देश में 8466 कस्टम हायरिंग केंद्र एवं 6841 फार्म मशीन बैंक बनाए गए हैं. जहां से किसान सरकार द्वारा तय किए गए रेट पर ओला उबर की तरह उन्हें किराए पर ले सकते हैं.

इस बारे में विशेषज्ञ की राय

कृषि वैज्ञानिक प्रो. साकेत कुशवाहा का कहना है कि फसलों का अधिक उत्पादन समय की जरूरत है. प्रोडक्शन अधिक लेना है तो खेती में उन्नत कृषि यंत्रों का इस्तेमाल जरूरी है. जिससे कृषि कार्य जल्दी होते हैं और उत्पादन लागत में कमी भी आती है. देश में 90 फीसदी से अधिक छोटे किसान हैं जिनके पास जमीन तो कम है ही, उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि अधिक लागत के आधुनिक कृषि यंत्र खरीद सकें. इसलिए इसे ठीक तरह से लागू किया जाए तो किसानों की जिंदगी में बदलाव आएगा.

खेती-किसानी में बढ़ रही है इन मशीनों की जरूरत
ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, पैडी राइस ट्रांसप्लांटर, लेजर लैंड लेवलर, रोटावेटर, फर्टिलाइजर ड्रिल, मल्टीक्रॉप थ्रेशर, एक्सियल फ्लो पैडी थ्रेशर आदि.

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